Vikash Singh

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दास्तां  : Tales of unconditional love

जिन जिन पर दिखे मुझे पदचिन्ह तेरे
खुदको उन सब रास्तों का बंजारा लिखा है

बड़ी शिद्दत से था जीता जिस इश्क को
फिर किस्मत के आगे उसे हारा लिखा है 

जब सुखा पानी उस इश्क मोहब्बत के दरिया का
तब वक़्त के सामने कितना था बेबस वो किनारा लिखा है

जब मिले फुरसत कभी तो पढ़ लेना
मैंने इस किताब के पन्नों पर अपने दिल का दर्द सारा लिखा है

कुछ हंसी मुस्कुराहटों के खिलते हुए रंग से हैं
कुछ खुद से होती अंदरूनी जंग से हैं

कुछ हैं जाने पहचाने से 
कुछ अनकहे अनसुने से किस्से हैं ये 
मेरी जिंदगी के कुछ बहुत अहम हिस्से हैं ये 

है ये मेरे दिल तक जाता हुआ एक जज़्बाती सा रास्ता
है ये मेरी खुशियों की और मेरे गमों की दास्तां
है ये मेरी खुशियों की और मेरे गमों की दास्तां

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About Vikash Singh

Hii, I am Vikash usually known as my pen name Vkay Singh. I belong to Hisar city of Haryana. Writing is the first hobby which I take seriously and always keep trying to improve in it. But I am not a pro in poetry writing. I am just an ordinary guy and a kind of introvert who do not feel confident and comfortable to share his thoughts and feelings............

If have any query contact me to www.vkaysingh890@gmail.com